एक प्रख्यात कहेवत छे के: "जो वात चांदानी छे, तो खामोशी (मौन)...
Ummah Post
12 November, 2024

एक प्रख्यात कहेवत छे के: "जो वात चांदानी छे, तो खामोशी (मौन) सोनुं छे."

पण नक्की ज, बधी ज खामोशी सोनेरी नथी होती.

(खामोशीना नियमो) ए छे के:

- जूठ सांभळीने खामोश रहेवुं ए कायरता (बुजदिली) छे.

- उदासी दरमियान खामोशी ए गर्व (फख्र) छे.

- कसोटी (आजमाइश) वखते खामोश रहेवुं ए बुद्धिमानी (हिकमत) छे.

- गप्पा मारती वखते खामोशी ए वाक्पटुता (फसाहत) छे.

- जीतवा पर खामोशी ए नम्रता (आजी) छे.

- सत्यनी गवाही वखते खामोश रहेवुं ए विश्वासघात (ख्यानत) छे.

- गुस्सा वखते खामोशी ए ताकत छे.

- निर्णय वखते खामोशी ए हिचकिचाहट छे.

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