हमारे अहले सुन्नत वल जमात का नजरिया (मान्यता) है कि अल्लाह नबी को भी मिट्टी से बनाते हैं और अल्लाह उम्मती को भी मिट्टी से बनाते हैं, लेकिन उम्मती और नबी की मिट्टी में फर्क है। अल्लाह उम्मती को जमीनी मिट्टी से बनाते हैं जबकि नबी को जन्नती मिट्टी से बनाते हैं। और नबी-उल-अंबिया (हजरत मोहम्मद ﷺ) को उस मिट्टी से बनाया जो जन्नत-उल-फिरदौस वाली है। नबी और उम्मती में वही फर्क है जो जमीन वाली मिट्टी और जन्नत वाली मिट्टी में है। नबी-उल-अंबिया और नबी में वही फर्क है जो जन्नत और जन्नत-उल-फिरदौस में है। मेरी और आपकी मिट्टी जमीन वाली है; हजरत आदम से ईसा अलैहिमुस्सलाम तक मिट्टी जन्नत वाली है। नबी-उल-अंबिया की मिट्टी जन्नत-उल-फिरदौस वाली है, सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम।
इसीलिए अहले बिदअत को हमसे इख्तिलाफ (मतभेद) हुआ। उन्होंने हमारा रुख (मदद) हमसे नहीं समझा; बस इतना कह दिया कि देवबंद वाले कहते हैं कि नबी मिट्टी से बने हैं, नबी बशर (इंसान) हैं, और वे गुस्सा हो गए।