"अगर कोई आपको सिर्फ अपनी ज़रूरत के वक्त याद करे तो परेशान न...
Ummah Post
12 November, 2024

"अगर कोई आपको सिर्फ अपनी ज़रूरत के वक्त याद करे तो परेशान न हों,

बल्कि!

फ़ख्र (गर्व) करें कि,

उसको अंधेरे में,

रोशनी की ज़रूरत है,

और!

वह रोशनी आप हैं।" ✨🕯️

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सच्चे मौलवी (अल्लाह वाले) की पहचान
लेख

सच्चे मौलवी (अल्लाह वाले) की पहचान

अगर किसी ख़ैमे (तंबू) पर लिखा हो 'ख़ैमा-ए-लैला' (लैला का तंबू) लेकिन उसमें झाँक कर देखा तो अंदर कुत्ता बँधा हुआ है, तो उस ख़ैमे की कोई क़द्र नहीं होगी बल्कि लोग मज़ाक उड़ाएंगे। इसी तरह मौलवी वह है जो 'मौला' (अल्लाह) वाला हो। उसके ख़ैमे से मौला की ख़ुशबू मिलनी चाहिए, यानी उसकी सोहबत (संगति) में अल...