"अरबी साहित्य से"
जब लीडर भेड़िये ने अपने युवा भेड़ियों को...
Ummah Post
14 November, 2024

"अरबी साहित्य से"

जब लीडर भेड़िये ने अपने युवा भेड़ियों को जीवन का सबक और जीने का हुनर ​​सिखाना चाहा, तो वह उन्हें भेड़ों के झुंड के पास ले गया और उनसे मुखातिब होकर कहा:

"इन भेड़ों का मांस स्वादिष्ट होता है।"

इसके बाद उसने दूर खड़े चरवाहे की तरफ इशारा करते हुए खबरदार किया:

"इस आदमी की लाठी की चोट दर्दनाक होती है, इसलिए संभलकर और सावधानी से शिकार करना।"

और जब उन युवा भेड़ियों ने भेड़ों के झुंड के पास एक कुत्ता खड़ा देखा, तो उन्होंने लीडर से कहा:

"यह तो दिखने में हूबहू हमारी तरह लग रहा है।"

लीडर ने यह सुनकर उन्हें एक बहुत ही प्रभावशाली जवाब दिया:

"जैसे ही इस कुत्ते का वजूद नज़र आए, वहाँ से तुरंत भाग जाओ! क्योंकि हमने अपनी ज़िंदगी में अब तक जो कुछ भी दर्द सहा है, वह उन लोगों की वजह से सहा है जो हमारे जैसे दिखते तो हैं, लेकिन रत्ती भर भी हमारे नहीं होते...!!!"

- मनकूल (साभार)

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