अज्ञानता में डूबे लोगों के लिए गुमराही (भटकाव) के आयोजनों से...
Ummah Post
15 November, 2024

अज्ञानता में डूबे लोगों के लिए गुमराही (भटकाव) के आयोजनों से बढ़कर कोई चीज़ आकर्षक नहीं होती।

ये वे अवसर होते हैं जहाँ अज्ञानता और नासमझी को जश्न के रूप में पेश किया जाता है, और लोग अपनी अज्ञानता के दायरे में खुश होते हैं, बिना यह समझे कि वे वास्तविकता से कितने दूर हैं। ऐसे आयोजनों में बाहरी रौनक और शोर-शराबा होता है, लेकिन उनकी बुनियाद वैचारिक खोखलेपन और अंतर्दृष्टि (बसीरत) की कमी पर होती है।

सच्ची खुशी और शांति केवल ज्ञान, चेतना (شعور) और सच्चाई को अपनाने में है, न कि ऐसे आयोजनों में जो इंसान को और अधिक गुमराही में धकेल दें।

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मोहम्मद नाम के चार खुश-नसीब मुहद्दिसीन: इल्म-ए-हदीस की ख़िदमत का एक हैरतअंगेज़ वाक़या
लेख

मोहम्मद नाम के चार खुश-नसीब मुहद्दिसीन: इल्म-ए-हदीस की ख़िदमत का एक हैरतअंगेज़ वाक़या

तीसरी सदी हिजरी में मिस्र में चार मुहद्दिसीन (हदीस के विद्वान) बहुत मशहूर हुए। चारों का नाम 'मोहम्मद' था, और चारों ही इल्म-ए-हदीस के जलील-उल-क़द्र (महान) अइम्मा (इमामों) में शुमार होते थे। उनमें से एक मोहम्मद बिन नस्र मर्वज़ी (रहमतुल्लाह अलैह) हैं, दूसरे मोहम्मद बिन जरीर तबरी (रहमतुल्लाह अलैह), तीसर...