रवैयों को नर्म रखें।
कहीं फ़ासला महसूस हो तो खुद नज़दीक हो...
Ummah Post
17 November, 2024

रवैयों को नर्म रखें।

कहीं फ़ासला महसूस हो तो खुद नज़दीक हो जाएं

सबब (कारण) पूछ लें...!

कोई खामोश लगे तो खुद बात का आग़ाज़ (शुरुआत) कर लें।

हो सकता है जिसे आप उस शख्स की अना (घमंड/ईगो) समझ रहे हों

वह उसकी डिप्रेशन हो...!

आप पहल कर लें...!

ताल्लुक (रिश्ते) को जोड़ने में, राब्ता (सम्पर्क) करने में, मुस्कुराने में,

किसी को ज़िंदगी की तरफ वापस लाने में...!

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शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)
लेख

शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)

अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पहले मरहले (चरण) में वह इंसान को कुफ़्र व शिर्क में मुलव्विस (शामिल) करने पर मेहनत करता है, अगर इसमें उसे कामयाबी मिल जाए...