रवैयों को नर्म रखें।
कहीं फ़ासला महसूस हो तो खुद नज़दीक हो जाएं
सबब (कारण) पूछ लें...!
कोई खामोश लगे तो खुद बात का आग़ाज़ (शुरुआत) कर लें।
हो सकता है जिसे आप उस शख्स की अना (घमंड/ईगो) समझ रहे हों
वह उसकी डिप्रेशन हो...!
आप पहल कर लें...!
ताल्लुक (रिश्ते) को जोड़ने में, राब्ता (सम्पर्क) करने में, मुस्कुराने में,
किसी को ज़िंदगी की तरफ वापस लाने में...!