गाने = गुनाह हैं
गाने = ग़म बढ़ाते हैं
गाने = तंगी बढ़ाते...
Ummah Post
17 November, 2024

गाने = गुनाह हैं

गाने = ग़म बढ़ाते हैं

गाने = तंगी बढ़ाते हैं

गाने = बहुत परेशान करने वाले हैं

गाने = क़ुरआन सुनने से नफ़रत पैदा करते हैं

गाने = क़ुरआन को दिल पर भारी बनाते हैं

गाने = इबादात को मुश्किल बनाते हैं

गाने = बुरे लगते हैं

गाने = दिल को दुखी करते हैं

गाने = दिल को मुर्दा करते हैं

गाने = अफ़सुर्दगी (उदासी) पैदा करते हैं

*"लेकिन क़ुरआन इन सब के बरअक्स (विपरीत) है, यह दिल को सुकून देता है, दिल को आराम पहुंचाता है और दिल की तकलीफ़ दूर करता है।"*

Share this article
50 रुपये वाली फोटो
लेख

50 रुपये वाली फोटो

एक फोटोग्राफर ने अपनी दुकान के बाहर एक बोर्ड लगाया हुआ था, जिस पर निम्नलिखित तीन बातें लिखी हुई थीं: "बीस रुपये में आप जैसे हैं, वैसी फोटो खिंचवाएं। तीस रुपये में आप जैसा सोचते हैं, वैसी फोटो खिंचवाएं। और, पचास रुपये में आप लोगों के सामने जैसा दिखना चाहते हैं, वैसी फोटो खिंचवाएं।" मरते समय उस फ...