पति से कुरान मजीद हिफ्ज़ (याद) नहीं हो रहा था,
उसने पत्नी स...
Ummah Post
18 November, 2024

पति से कुरान मजीद हिफ्ज़ (याद) नहीं हो रहा था,

उसने पत्नी से कमज़ोर याददाश्त की शिकायत की।

पत्नी ने कसम खाकर यकीन दिलाया कि अगर वह एक साल में हिफ्ज़ कर लेगा, तो वह उसकी दूसरी शादी करवा देगी।🫥

फिर क्या होना था...

पति ने छह महीने की अवधि में ही पूरा कुरान मजीद हिफ्ज़ कर लिया।🙈

और बेगम साहिबा ने तीन दिन के रोज़े रखकर कसम तोड़ने का कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) दे दिया।🫶🏻

कामयाब मर्द के पीछे औरत का हाथ होता है!💯🫠

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लेख

इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

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