*पति: बेगम साहिबा, अपनी चालीस साला शादीशुदा ज़िंदगी में आज प...
Ummah Post
20 November, 2024

*पति: बेगम साहिबा, अपनी चालीस साला शादीशुदा ज़िंदगी में आज पहली बार तुमने इतनी बेहतरीन चाय बनाई है कि बयान नहीं कर सकता... 🤗*

*पत्नी: आए हाय, मेरी तो अक्ल ही मारी गई थी! 🤦🏼‍♀️*

*मैंने ग़लती से अपनी प्याली आपको दे दी.... 😂😂😂*

Share this article
इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर
लेख

इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) के नाम से कौन नावाक़िफ़ (अपरिचित) है, इन्हीं की किताबों ने हनफ़ी फ़िक़्ह को मुदव्वन (मूर्तरूप/कोडीफाइड) किया, मसलों के दलायल (प्रमाण) जमा किए, इख़्तेलाफ़ी अक़्वाल (मतभेदों) का ज़िक्र किया और दुनिया के अक्सर (अधिकांश) ख़ित्तों (क्षेत्रों) में रायज (प्रचलित) फ़िक़्ह-ए-हनफ़ी को तस्नी...