अफगानिस्तान में रूसी टैंकों के बाद फिलिस्तीन वह क्षेत्र है,...
Ummah Post
23 November, 2024

अफगानिस्तान में रूसी टैंकों के बाद फिलिस्तीन वह क्षेत्र है, जहां इजरायली टैंकों का कब्रिस्तान बन रहा है।

यह कुफ्र (काफिरों) की दुनिया की वह तकनीक है, जिस पर उन्हें घमंड होता है। और वे इसी घमंड में अंधे होकर अपनी जान जोखिम में डालकर मुजाहिदीन-ए-इस्लाम का शिकार बन जाते हैं।

इसी पर शायर-ए-मशरिक (पूर्व के कवि) अल्लामा मोहम्मद इकबाल (रहमतुल्लाह अलैह) ने कहा था:

अल्लाह को पामर्दी-ए-मोमिन (मोमिन की बहादुरी) पे भरोसा,

इब्लीस (शैतान) को यूरोप की मशीनों का सहारा।

इजरायल को गाजा में जारी जंग के दौरान अब तक होने वाला नुकसान लगभग 200 बिलियन शेकेल (51 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच चुका है। यह नुकसान इजरायल के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 10 प्रतिशत के बराबर है।

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हलाल कमाई की अहमियत और मौलाना क़ासिम नानौतवी की आजिज़ी (विनम्रता)
लेख

हलाल कमाई की अहमियत और मौलाना क़ासिम नानौतवी की आजिज़ी (विनम्रता)

हज़रत मौलाना मुहम्मद क़ासिम साहब नानौतवी (रहमतुल्लाही अलैहि) का मुज़फ़्फ़रनगर में एक थानेदार मुअतक़िद (भक्त/प्रशंसक) था। एक दिन उसने हज़रत मौलाना नानौतवी की दावत की। मौलाना ने देखा था कि थानेदार की कमाई मुश्तबा (संदिग्ध) और मशकूक है, इस वजह से उसकी दावत को नामंज़ूर फ़रमा दिया। थानेदार ने दावत क़ब...