*एक बीज बिना किसी आवाज़ के बाहर निकलता है,*
*लेकिन एक पेड़...
Ummah Post
23 November, 2024

*एक बीज बिना किसी आवाज़ के बाहर निकलता है,*

*लेकिन एक पेड़ ज़बरदस्त आवाज़ के साथ ज़मीन पर गिरता है*

*तबाही आवाज़ रखती है और रचना (تخلیق) खामोशी,*

*यह खामोशी की ताकत है, खामोशी से जिएं।*

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इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)
लेख

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज्ञान) के तलबा (विद्यार्थी) हैं। इल्मे शरई (धार्मिक ज्ञान) को अल्लाह तआला ने 'कौले थक़ील' (एक भारी बात) क़रार दिया है। य...