✍🏻 *अक्सर लोग कहते हैं कि हमसे गलत बात बर्दाश्त नहीं होती, हालांकि गलत बात बर्दाश्त करना ही तो सब्र है। सही बात बर्दाश्त नहीं की जाती बल्कि तस्लीम (स्वीकार) की जाती है।* ☝🏻💞☝🏻💞☝🏻💞☝🏻💞☝🏻💞☝🏻
खुरासान का बादशाह शिकार खेलकर वापस आने के बाद तख्त पर बैठा था, थकावट की वजह से उसकी आँखें बोझिल हो रही थीं। बादशाह के पास एक गुलाम हाथ बांधे अदब के साथ खड़ा था। बादशाह को सख्त नींद आई हुई थी, मगर जब भी उसकी आँखें बंद होतीं, तो एक मक्खी आकर उसकी नाक पर बैठ जाती थी। नींद और बे-खयाली (अचेतन अवस्था) की...