चंगेज़ ख़ान के दरबार में तीन लोगों की हत्या (मृत्युदंड) का आ...
Ummah Post
28 January, 2024

चंगेज़ ख़ान के दरबार में तीन लोगों की हत्या (मृत्युदंड) का आदेश हुआ, तो एक महिला रोती-चिल्लाती हुई दरबार में पहुँची। उनमें से एक महिला का पति था, दूसरा बेटा और तीसरा भाई था। चंगेज़ ख़ान ने महिला से कहा, "तुम इनमें से किसी एक का चयन कर लो, मैं उसकी सज़ा माफ़ कर दूँगा।" तो महिला कहने लगी, "पति दूसरा मिल जाएगा, बेटा भी दूसरा जन (पैदा कर) लूँगी, लेकिन भाई का कोई विकल्प (बदल) नहीं मिल सकता।" (इसलिए मैं भाई का ही चयन करती हूँ)। चंगेज़ ख़ान को यह चयन पसंद आया, तो उसने तीनों की सज़ा माफ़ कर दी। (अल-बिदाया वन-निहाया, इब्न कसीर, अल-तुर्की संस्करण, दार हिज्र 17 / 166)

Share this article
परहेज़गार उस्ताद और समझदार शागिर्द
लेख

परहेज़गार उस्ताद और समझदार शागिर्द

हज़रत हकीमुल उम्मत थानवी और हज़रत शाह वसीउल्लाह इलाहाबादी (नूरुल्लाह मरक़दहुमा) दोनों ने यह वाक़िया नक़्ल किया कि एक परहेज़गार आलिम बच्चों को पढ़ाते थे। एक दिन उनके घर में फ़क्र व फ़ाक़ा (ग़रीबी और भुखमरी) था, भूख की शिद्दत (तीव्रता) से उनका चेहरा मुरझाया हुआ था। जो तलबा (छात्र) पढ़ने आते थे, उनमें...