तमाम हम्द-ओ-सना उस अल्लाह पाक के लिए है जिसकी रहमत से ना-उम्...
Ummah Post
26 November, 2024

तमाम हम्द-ओ-सना उस अल्लाह पाक के लिए है जिसकी रहमत से ना-उम्मीदी नहीं, जिसकी नेमतों से किसी का दामन खाली नहीं, उसकी मग्फिरत (क्षमा) से मायूसी नहीं, और उसकी रहमतों का फैज़ान कभी रुकता नहीं, अल्लाह पाक आपका दामन खुशियों से भर दे.. आमीन सुम्मा आमीन..

अल्लाहुम्मा सल्लि अला सय्यिदिना मुहम्मदिन व अला आलि सय्यिदिना मुहम्मदिन व बारिक व सल्लिम।

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हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया
लेख

हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया

एक बार मैं शेख हज़रत मौलाना मसीहउल्लाह ख़ान साहब रहमतुल्लाह अलैह के पास बैठा हुआ था और उस समय वहां और कोई नहीं था, केवल मैं था। इसी बीच एक आदमी आया और हज़रत से तावीज़ मांगने लगा। हज़रत ने कहा कि मैं तावीज़ नहीं दिया करता। जाओ भाई जान से ले लो! (भाई जान से मुराद हज़रत के साहबज़ादे हैं, जिन्हें छात्र...