जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत
*ग़ैर-महराम से कभी हंस कर बात न करो*
*हमेशा अपना रवैया सख़्त (मज़बूत) रखो*
*तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (तबाही) है*
जवानी की हिफ़ाज़त, जन्नत की ज़मानत
*ग़ैर-महराम से कभी हंस कर बात न करो*
*हमेशा अपना रवैया सख़्त (मज़बूत) रखो*
*तुम्हारा नर्म लहजा पता नहीं उसके दिल में क्या वसवसे (बुरे विचार) पैदा कर दे, जो दोनों के लिए हलाकत (तबाही) है*