✍🏻"गुनाहों की वजह से पैदा होने वाली नहूसतें (दुर्भाग्य/अशुभ...
Ummah Post
29 November, 2024

✍🏻"गुनाहों की वजह से पैदा होने वाली नहूसतें (दुर्भाग्य/अशुभ प्रभाव) तावीज़ और अमलियात (टोटकों) से ख़त्म नहीं की जा सकतीं, बल्कि उनके ख़ात्मे के लिए तौबा (क्षमा) और तक़्वा (परहेज़गारी) इख़्तियार करना ज़रूरी है।"✅✅💯💯

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खानदान और खून की पहचान
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खानदान और खून की पहचान

सुल्तान महमूद गज़नवी का दरबार लगा हुआ था। दरबार में हज़ारों लोग शामिल थे जिनमें औलिया, कुत्ब और अब्दाल भी थे। सुल्तान महमूद ने सबको संबोधित करके कहा, "क्या कोई शख्स मुझे हज़रत ख़िज़्र अलैहिस्सलाम की ज़ियारत (मुलाकात) करा सकता है?" सब खामोश रहे। दरबार में बैठा एक गरीब ग्रामीण (देहाती) खड़ा हुआ और कह...