*जब रात गहरी हो जाए और हर तरफ खामोशी छा जाए, तो अपने रब को अपना ग़म सुनाओ। उसे बताओ कि तुम्हारा दिल दुख से भरा है, तुम्हारी ख्वाहिशें और ज़रूरतें पूरी नहीं हो सकीं। यक़ीन रखो, दुनिया में तुम्हारी बात इस रब से ज़्यादा तवज्जो (ध्यान) से कोई नहीं सुनता, और जो दुख तुम तहज्जुद के वक़्त अल्लाह के सामने बयान करते हो, वह उन्हें अपनी रहमत से खुशियों में बदल देता है। तहज्जुद के लम्हों में अपने दिल की बातें अल्लाह से कहो, क्योंकि यही वह घड़ियाँ हैं जब अल्लाह की रहमत अपने उरूज (चरम) पर होती है और दुआएँ अर्श तक पहुँचती हैं।♥️♥️*
Ummah Post