ख़लील बिन अहमद रहमतुल्लाह अलैह से पूछा गया: "ज़ुहद (वैराग्य/...
Ummah Post
4 December, 2024

ख़लील बिन अहमद रहमतुल्लाह अलैह से पूछा गया: "ज़ुहद (वैराग्य/संतोष) क्या है?"

उन्होंने फ़रमाया: "जब तक मौजूद (जो पास है) का जायज़ा न ले ले, नामौजूद (जो पास नहीं है) की तलब (इच्छा) न रखे!"

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शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)
लेख

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अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पहले मरहले (चरण) में वह इंसान को कुफ़्र व शिर्क में मुलव्विस (शामिल) करने पर मेहनत करता है, अगर इसमें उसे कामयाबी मिल जाए...