एक शख़्स ने इमाम इब्राहीम बिन अदहम रहमतुल्लाह अलैह से अर्ज़...
Ummah Post
10 December, 2024

एक शख़्स ने इमाम इब्राहीम बिन अदहम रहमतुल्लाह अलैह से अर्ज़ किया:

"मैं रात को नमाज़ (तहज्जुद) नहीं पढ़ पाता हूँ, इसलिए मुझे कोई दवा तजवीज़ (बता) कर दें।"

उन्होंने कहा:

"दिन में अल्लाह की नाफ़रमानी न करो, वह तुम्हें रात को अपने सामने खड़ा करेगा; क्योंकि तुम्हारा रात को उसके सामने खड़ा होना, सबसे बड़े एज़ाज़ (सम्मान) में से है; और नाफ़रमान इस इज़्ज़त का मुस्तहिक़ (हक़दार) नहीं है!"

— इमाम इब्राहीम बिन अदहम रहमतुल्लाह अलैह

(फ़स्लुल ख़िताब फ़िल-ज़ुहदि वर-रक़ा'इक़ि वल-आदाब: 9/400)

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