".. if you see a man walking on water and flying in the air, do not be amazed by him until he shows that he follows the command of the Book and the Sunnah."
यह वह व्यक्ति है जिसे अक्सर आलोचना का निशाना बनाया जाता है, लेकिन जब ध्यान से देखा जाए तो मालूम होता है कि उसकी सेवाएँ हमारे जीवन के हर मोड़ पर मौजूद हैं। मनुष्य के जीवन की शुरुआत भी मौलवी के साथ होती है और अंत भी मौलवी के साथ। कौमें (राष्ट्र) सिर्फ सड़कों, पुलों और इमारतों से नहीं बनतीं... कौमें चर...