*उर्दू की खूबसूरती देखिए*         
*सुबह-सुबह लखनऊ फोन पर ए...
Ummah Post
16 December, 2024

*उर्दू की खूबसूरती देखिए*

*सुबह-सुबह लखनऊ फोन पर एक दोस्त से पूछा, क्या कर रहे हो प्यारे ?*

*बोला: अभी मैं बड़ी शिद्दत से इज़्ज़त व अज़मत (मान-सम्मान) की डोर को बेपनाह उलझनों की गिरफ़्त से आज़ाद करने की कशमकश में मुब्तला (व्यस्त) हूँ।*

*मैंने कहा: समझा नहीं.😕*

*बोला: पाजामे के नाड़े में गांठ पड़ गई है वही खोल रहा हूँ।*

😂😅😄😆🤣😃😜😄😆😅

*लतीफ़ों की दुनिया 😊*

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निष्कपटता की मिसाल
लेख

निष्कपटता की मिसाल

जब हज़रत साद बिन अबी वक़्क़ास (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने मदायन को फ़तह (विजय) किया, तो उन्होंने ऐलान करवाया कि जिस मुजाहिद (योद्धा) के पास जो भी माल-ए-ग़नीमत (युद्ध की सामग्री) है, वह सब लाकर एक जगह जमा करवाए ताकि हम उसे तक़्सीम (वितरित) कर सकें। लोग माल-ए-ग़नीमत जमा करवाने लग गए। तीन दिन गुज़र गए और ऐस...