"किसी की अपनी मर्जी पर नाराज़गी कोई हक़ नहीं मेरा;
खुदी (आत...
Ummah Post
20 December, 2024

"किसी की अपनी मर्जी पर नाराज़गी कोई हक़ नहीं मेरा;

खुदी (आत्मसम्मान) के दायरा-ए-हुक़ूक़ से तजावुज़ (उल्लंघन) कोई शौक़ नहीं मेरा।"

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हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक
लेख

हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) फ़रमाते हैं कि मैंने अब्बा जान सैयदुना अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से पूछा कि हुज़ूर ﷺ अपने हम-नशीनों (साथियों) के साथ कैसे रहते थे? आपने फ़रमाया: "आप ﷺ ख़ंदा-रू (हँसमुख), ख़ुश-अख़लाक़ (अच्छे आचरण वाले) और नर्म-ख़ू (नर्म स्वभाव के) थे। बद-अख़लाक़ी, सख़्त-मिज़ाजी...