"मुश्किल तरीन (सबसे कठिन) काम तीन हैं:
1️⃣ तंगदस्ती (ग़रीबी) के बावजूद सख़ावत (दान) करना;
2️⃣ तन्हाई (एकांत) में परहेज़गारी (शैल/पवित्रता) इख़्तियार करना;
3️⃣ उस (हाकिम/शासक) के सामने कलमा-ए-हक़ (सत्य वचन) कहना; जिससे डर और नुक़सान का ख़दशा (आशंका) हो!"
— इमाम शाफ़ई रहमतुल्लाह अलैह
(सिफ़तुल सफ़वह: 1/531)