*ख़ारदार (कँटीली) झाड़ियों पर;*
*ठहरी हुई बूंदों ने;*
*बस...
Ummah Post
16 January, 2025

*ख़ारदार (कँटीली) झाड़ियों पर;*

*ठहरी हुई बूंदों ने;*

*बस यही बताया है;*

*पत्तों ने तेरा साथ;*

*छोड़ दिया तो क्या?*

*क़ुदरत ने तुझे;*

*मोतियों से सजाया है...!!!*

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एक ज्ञानवर्धक लतीफा (मज़ाक)
लेख

एक ज्ञानवर्धक लतीफा (मज़ाक)

एक शिया महिला विद्वान (आलिमा) मुझसे कहने लगीं, "इब्राहिम (अलैहिस सलाम) शिया थे।" मैंने कहा, "कैसे?" उन्होंने कहा, "وَإِنَّ مِنْ شِيعَتِهِ لَإِبْرَاهِيمَ [83] (सूरह अस-साफ़्फ़ात), अनुवाद: 'और बेशक इब्राहिम उनके शिया (पैरोकारों) में से थे।'" मैंने कहा, "फिर तो आप यह भी मान जाएंगी।" उन्होंने पूछा, "...