अस्सलामू अलैकुम व रहमतुल्लाही व बरकातूह
आज की रात लैलातुल बरात (शब-ए-बरात) है।
1. सलातुल तौबा की 2 रकात पढ़कर गुनाहों की माफ़ी मांगें।
2. कुछ सदक़ा (दान) करें।
3. सबको दिल से माफ़ कर दें।
3. अपने दिल को कडूवाहट (कदूरतों) और बुग़्ज़ (द्वेष) से साफ़ कर लें।
4. कलिमा तय्यिबा 100 बार, इस्तिग़फ़ार 100 बार और दुरूद शरीफ़ 100 बार पढ़ें।
5. ज़िंदगी भर इख़्लास (सच्चाई), एतदाल (संतुलन), दलायल (तथ्यों) और तसल्सुल (निरंतरता) के साथ अक़ायद (धार्मिक मान्यताओं) पर काम करने और उसपर जान व माल पेश करने की नीयत करें।
(इस पैग़ाम को आगे जहाँ तक पहुँचा सकते हैं पहुँचा कर मेरा बोझ हल्का करें)।
वस्सलाम
मोहताजे दुआ, मोहम्मद इल्यास घुम्मन
15 शबान 1446 हिजरी
13 फ़रवरी 2025 ईस्वी