माह-ए-सियाम (रमज़ान के महीने) के मौक़े पर हरम-ए-मक्की (मक्का...
Ummah Post
18 February, 2025

माह-ए-सियाम (रमज़ान के महीने) के मौक़े पर हरम-ए-मक्की (मक्का शरीफ़) में ये सात अइम्मा इकराम (इमाम) रोज़ाना तरावीह की इमामत फ़रमाएंगे और आख़िरी अशरे (अंतिम 10 दिनों) में क़ियाम-उल-लैल (तहज्जुद) पढ़ाएंगे।

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एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़
लेख

एक माँ द्वारा हलाल और हराम का ख़ूबसूरत सबक़

यह कहानी डॉक्टर मोहम्मद रातिब अल-नाबुलसी की है जो वह अपनी माँ के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं कि एक दिन जब वह छोटे थे, उनकी माँ ने उनसे पूछा: "क्या तुम शब्द 'हलाल' कह सकते हो बिना अपने होठों को बंद किए?" उन्होंने कोशिश की और कामयाबी के साथ शब्द 'हलाल' कह लिया बिना अपने होठों को बंद किए।...