चले जाते हैं बच्चे अपने-अपने मसले (परेशानियाँ) कह कर,
उन्हे...
Ummah Post
1 March, 2025

चले जाते हैं बच्चे अपने-अपने मसले (परेशानियाँ) कह कर,

उन्हें क्या? रात जाने, नींद जाने, बाप जाने😔

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अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या
लेख

अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या

सामान से लदा हुआ एक बहरी जहाज़ (समुद्री जहाज़) महवे-सफ़र था कि तेज़ हवाओं की वजह से वह उलटने लगा। क़रीब था कि जहाज़ डूब जाता, उसमें मौजूद ताज़िरों (व्यापारियों) ने कहा कि बोझ हल्का करने के लिए कुछ सामान समंदर बुर्द (समुद्र में डालना) करते हैं। ताज़िरों ने मशविरा करके तय किया कि सबसे ज़्यादा सामान जि...