"फटे हुए बोरे में कितना 'खूबसूरत सेब' है! ऐसे ही कुछ लोगों के फटे-पुराने कपड़ों में 'खूबसूरत दिल' होते हैं। लोगों का चुनाव करते समय किसी के कपड़े और जूते न देखें बल्कि दिल देखें।"
एक बिजली के खंभे पर एक कागज चिपका देखकर मैं करीब चला गया और उस पर लिखी तहरीर (लिखावट) पढ़ने लगा।
लिखा था.........!
"बराय-ए-करम (कृपया) ज़रूर पढ़ें।
इस रास्ते पर कल मेरा 50 रुपये का नोट खो गया है, मुझे ठीक से दिखाई नहीं देता। जिसे भी मिले, बराय-ए-करम पहुँचा दे, नवाज़िश (कृपा) होगी.................