ताबिई हसन बसरी रहमतुल्लाह अलैह का बयान है कि मैंने उस्मान बि...
Ummah Post
23 March, 2025

ताबिई हसन बसरी रहमतुल्लाह अलैह का बयान है कि मैंने उस्मान बिन अफ़्फ़ान रज़ियल्लाहु अन्हु को एक चादर ओढ़े मस्जिद में क़ैलूला (दोपहर का आराम) करते देखा; उनके आस-पास कोई न था और वह वक़्त के अमीर-उल-मोमिनीन थे!

(फ़ज़ाइलुस सहाबा लि-अहमद, ८००)

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रोले अब दिल खोल कर :
लेख

रोले अब दिल खोल कर :

आह! कोई नहीं, सब गुमराह हो गए; सब निकम्मे निकले, सब गाफ़िल (लापरवाह) हो गए, सब पर मौत की नींद छा गई; सब ने एक ही तरह की हलाकत (विनाश) का घूंट पी लिया, सब एक ही तरह की तबाही पर टूट पड़े; सब ने ख़ुदा को छोड़ दिया, सब ने उसकी मोहब्बत से मुंह मोड़ लिया, सब ने उसके पवित्र रिश्ते को बट्टा लगा दिया (कलंकित...