"जो कल तक दूसरों की ख़बरगीरी (देखभाल) करते थे, आज वे खुद बेख...
Ummah Post
25 March, 2025

"जो कल तक दूसरों की ख़बरगीरी (देखभाल) करते थे, आज वे खुद बेख़बर हैं... हालात बदलते वक़्त नहीं लगता।"

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सच कहो और अमर रहो
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सच कहो और अमर रहो

एक बार एक राजा सैनिकों के लंगर खाने (रसोई) में गया, साफ-सफाई की जांच की जो बिल्कुल ठीक थी। फिर उसने पूछा कि जवानों के लिए क्या पकाया गया है? जवाब मिला: 'बताऊं' यानी बैंगन। राजा बहुत नाराज़ हुआ कि जवानों के लिए इतना घटिया खाना क्यों पकाया गया है? उसके सलाहकार ने बैंगन की बुराई में ज़मीन-आसमान एक कर द...