"अफ़सोस तो सिर्फ़ इस बात का है कि यहूदी बिल्कुल वैसे ही हैं...
Ummah Post
25 March, 2025

"अफ़सोस तो सिर्फ़ इस बात का है कि यहूदी बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे क़ुरआन पाक में उनका ज़िक्र है, मगर हम मुसलमान उस तरह नहीं रहे जिस तरह क़ुरआन पाक में हमारा ज़िक्र है।" 💦

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खामोश परिंदा
लेख

खामोश परिंदा

हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के दौर में एक शख़्स ने एक ख़ूबसूरत परिंदा ख़रीदा। वह जब चहचहाता तो उसकी अत्यंत दिलकश और सुरीली आवाज़ से वह शख़्स बहुत ख़ुश होता, मानो उस परिंदे की आवाज़ बहुत ही मीठी और प्यारी थी। एक दिन अचानक उस पिंजरे के पास उसी की तरह का एक और परिंदा आया और अपनी ज़बान में कुछ बातें...