*‏ _आतिकाह बिंत ज़ैद (रज़ियल्लाहु अन्हा)_* 
उन्होंने अब्दुल...
Ummah Post
25 March, 2025

*‏ _आतिकाह बिंत ज़ैद (रज़ियल्लाहु अन्हा)_*

उन्होंने अब्दुल्लाह बिन अबी बक्र (रज़ि.) से निकाह किया, वह शहीद हो गए।

फिर ज़ैद बिन अल-ख़त्ताब (रज़ि.) से निकाह किया, वह शहीद हो गए।

फिर उमर बिन अल-ख़त्ताब (रज़ि.) से निकाह किया, वह शहीद हो गए।

फिर ज़ुबैर बिन अल-अव्वम (रज़ि.) से निकाह किया, वह शहीद हो गए।

फिर हुसैन बिन अली (रज़ि.) से निकाह किया, वह शहीद हो गए।

यहाँ तक कि मदीना के लोगों ने कहा, "जो शख़्स शहादत की चाह रखता हो, वह इनसे निकाह कर ले..."

(तबाक़ात इब्न साद, 3/104)

और हमारे यहाँ अगर एक शौहर (पति) फौत (मृत्यु) हो जाए, तो उस औरत को मनहूस करार दे दिया जाता है।

Share this article
राजा और सेब विक्रेता (फ़ारसी साहित्य से)
लेख

राजा और सेब विक्रेता (फ़ारसी साहित्य से)

एक दिन एक शासक (राजा) महल में बैठा हुआ था। तभी उसने महल के बाहर एक सेब बेचने वाले को आवाज़ लगाते हुए सुना: "सेब खरीदें! सेब!" शासक ने बाहर देखा कि एक ग्रामीण आदमी अपने गधे पर सेब लादे बाज़ार जा रहा है। शासक को सेब की इच्छा हुई और उसने अपने वज़ीर से कहा: "ख़ज़ाने से 5 सोने के सिक्के ले लो और मेरे...