एक कंजूस के दस्तरख़्वान (खाने की मेज) पर मेहमान चावल खा रहे...
Ummah Post
26 March, 2025

एक कंजूस के दस्तरख़्वान (खाने की मेज) पर मेहमान चावल खा रहे थे।

किचन से बेगम ने आवाज़ लगाई, "मुर्गी ले आऊँ?" 🙂

कंजूस ने जवाब दिया, "नहीं... अभी नहीं।"

मेहमानों को बहुत बुरा लगा कि यह मुर्गी लाने क्यों नहीं दे रहा है। 🤔

आख़िरकार जब मेहमानों ने चावल ख़त्म कर लिए, तो कंजूस ने आवाज़ लगाई, "बेगम, मुर्गी ले आओ।" ☺️

और फिर मेहमानों ने देखा कि बेगम हाथ में जिंदा मुर्गी लिए चली आ रही हैं! 😳

मेहमानों की हैरानगी देखते हुए कंजूस ने कहा:

"मुर्गी दस्तरख़्वान पर गिरे हुए चावल खाने के लिए लाई गई है। जैसा आप सोच रहे हैं, वैसा कुछ नहीं है।" 🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

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