अरस्तू अपने शागिर्द (शिष्य) सिकंदर को कहा करता था कि औरतों से दूर रहा करो।
महल की औरतों ने अरस्तू के पीछे एक ख़ूबसूरत लड़की लगा दी ताकि उसे सबक़ सिखाया जाए और वह उनके और सिकंदर के बीच दख़लअंदाज़ी न करे। एक दिन उस लड़की ने अरस्तू से फ़रमाइश की कि उसे घोड़े की सवारी करनी है, अरस्तू घोड़ा बना और उस लड़की ने सवारी की।
इसी दौरान सिकंदर को इत्तिला (सूचना) कर दी गई कि जो उस्ताद आपको हमसे रोकता है, उसकी अपनी हालत मुलाहिज़ा (देखें) की जाए। जब सिकंदर वहाँ पहुँचा और पूछा, "उस्ताद जी, यह क्या?", तो अरस्तू ने कहा, "इसीलिए तो तुम्हें रोकता हूँ कि औरतों से दूर रहा करो... जो तुम्हारे उस्ताद का यह हाल कर सकती है, तुम्हारा क्या करेगी!" 🫣😆
*٭٭••✦✿ उर्दू इस्लामिक कहानियाँ ✿✦••٭٭*