"मन् का-न लिल्लाहि का-नल्लाहु लहू" (जो अल्लाह का हो जाता है,...
Ummah Post
2 April, 2025

"मन् का-न लिल्लाहि का-नल्लाहु लहू" (जो अल्लाह का हो जाता है, अल्लाह उसका हो जाता है) और "व तुइज़्ज़ु मन् तशाउ व तुधिल्लु मन् तशाउ" (और तू जिसे चाहे इज़्ज़त दे और जिसे चाहे ज़िल्लत दे) 💚

फ़िदाए-मिल्लत हज़रत मौलाना सैय्यद असअद मदनी (नूरल्लाहु मर्क़दहू) के दाईं ओर प्रधानमंत्री और बाईं ओर मंत्री हाथ जोड़े हुए देखे जा सकते हैं।

यह उलेमा-ए-देवबंद की वह ताक़त थी कि बड़ी-बड़ी ताक़तें झुककर अदब और एहतराम (सम्मान) के साथ सलाम करती थीं।

उस समय सरकारें उलेमा-ए-देवबंद की इज़्ज़त करती थीं; अब सरकारें उलेमा की शान में गुस्ताख़ी (अनादर) कर रही हैं।

अल्लाह तआला फ़िदाए-मिल्लत हज़रत अक़दस हज़रत मौलाना सैय्यद असअद मदनी (नूरल्लाहु मर्क़दहू) की क़ब्र पर करोड़ों रहमतें नाज़िल फ़रमाए 🤲🤲

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