"एक ग़ज़ा ही आज़ाद था, सो मर्दाना वार (बहादुरी से) लड़ा।
बाक़ी ग...
Ummah Post
9 April, 2025

"एक ग़ज़ा ही आज़ाद था, सो मर्दाना वार (बहादुरी से) लड़ा।

बाक़ी गुलाम थे, सो सर भी न उठा सके..!😭

FreeGaza"

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राजा और सेब विक्रेता (फ़ारसी साहित्य से)
लेख

राजा और सेब विक्रेता (फ़ारसी साहित्य से)

एक दिन एक शासक (राजा) महल में बैठा हुआ था। तभी उसने महल के बाहर एक सेब बेचने वाले को आवाज़ लगाते हुए सुना: "सेब खरीदें! सेब!" शासक ने बाहर देखा कि एक ग्रामीण आदमी अपने गधे पर सेब लादे बाज़ार जा रहा है। शासक को सेब की इच्छा हुई और उसने अपने वज़ीर से कहा: "ख़ज़ाने से 5 सोने के सिक्के ले लो और मेरे...