"दुनिया की मिसाल एक सांप जैसी है, जिसका स्पर्श (छूना) तो बहुत नरम होता है, लेकिन उसका ज़हर जानलेवा होता है; नादान और जाहिल उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, लेकिन अक़्लमंद और होशियार उससे बचकर रहते हैं!"
— इमाम इब्न अल-जौज़ी (रहमतुल्लाही अलैहि)
"दुनिया की मिसाल एक सांप जैसी है, जिसका स्पर्श (छूना) तो बहुत नरम होता है, लेकिन उसका ज़हर जानलेवा होता है; नादान और जाहिल उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, लेकिन अक़्लमंद और होशियार उससे बचकर रहते हैं!"
— इमाम इब्न अल-जौज़ी (रहमतुल्लाही अलैहि)