"कर सकूँ कैसे भला मिदहत-ए-मम्दूह-ए-ख़ुदा (जिसकी तारीफ़ अल्ला...
Ummah Post
2 May, 2025

"कर सकूँ कैसे भला मिदहत-ए-मम्दूह-ए-ख़ुदा (जिसकी तारीफ़ अल्लाह ने की हो),

मैं तो बस उनके (ﷺ) सनाख़्वानों (प्रशंसकों) में शुमार चाहता हूँ।

जान वार कर भी न हो सके हक़ अदा उनके इक आँसू का,

मैं तो ग़ुलामों की फेहरिस्त (सूची) में नाम चाहता हूँ।

ﷺﷺﷺﷺ"

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लेख

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