यह जिंदगी है...!!!
एक इम्तिहान मुसलसल (निरंतर)...!!!
कभी ब...
Ummah Post

यह जिंदगी है...!!!

एक इम्तिहान मुसलसल (निरंतर)...!!!

कभी बेतहाशा खुशियां,

कभी ग़म की शब (रात) मुसलसल...!!!

कभी साथ हो सभी का,

कभी हो जाएं अकेले...

कभी हो उदासी पल-पल,

कभी क़हक़हे मुसलसल...!!!

कभी साथ दोस्तों का,

कभी महफिलों में रौनक...

कभी भीड़ में भी तन्हा,

कभी खामोशी मुसलसल...!!!

कभी अपनों से लड़ाई,

कभी हो जाए जुदाई...

कभी बात भी न करना,

कभी गुफ़्तगू (बातचीत) मुसलसल...!!!

कभी रब को याद करना,

तस्बीह नमाज़ पल-पल...!!!

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इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)
लेख

इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)

जब हज़रत अबू ज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने हज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) को कहा... "ऐ काली-कलूटी माँ के बेटे! अब तू भी मेरी ग़लतियाँ निकालेगा...?" बिलाल यह सुनकर ग़ुस्से और अफ़सोस से बेक़रार होकर यह कहते हुए उठे, "ख़ुदा की क़सम! मैं इसे ज़रूर ब-ज़रूर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के...