खोज के नतीजे

परिणाम दिखाए जा रहे हैं: "सच"

शेख अबू हाज़िम की हक़-गोई और सुलेमान बिन अब्दुल मलिक का रो पड़ना

शेख अबू हाज़िम की हक़-गोई और सुलेमान बिन अब्दुल मलिक का रो पड़ना

सुलेमान बिन अब्दुल मलिक, जो बनू उमय्या का बादशाह था, ने एक मर्तबा शैख़-उल-हदीस अबू हाज़िम (रहमतुल्लाह अलैह) से दरयाफ़्त (पूछा) किया कि इसकी क्या वजह है कि हम लोग दुनिया को पसंद और आ...

27 Oct, 2024 और पढ़ें
फेक लाइफ (बनावटी जिंदगी) का फितना

फेक लाइफ (बनावटी जिंदगी) का फितना

इंसान के अख़लाक़ी वजूद (नैतिक अस्तित्व) को जो खतरनाक बीमारियां लाहक (ग्रसित) हैं, उनमें झूठ और मबालगे (अतिशयोक्ति) पर मबनी (आधारित) जिंदगी गुजारने का फितना (बुराई) आज-कल के दौर में...

22 Oct, 2024 और पढ़ें
इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)

इतिहास की सबसे शक्तिशाली माफ़ी (हज़रत अबू ज़र और हज़रत बिलाल का वाक़िया)

जब हज़रत अबू ज़र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने हज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) को कहा... "ऐ काली-कलूटी माँ के बेटे! अब तू भी मेरी ग़लतियाँ निकालेगा...?" बिलाल यह सुनकर ग़ुस्से और अफ...

20 Oct, 2024 और पढ़ें
मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

मैं अपनी स्मृति में तुम्हारे बारे में सब कुछ भुला दूंगा।

हज़रत यह्या बिन मुआज़ रहमतुल्लाही अलैहि, जिनको हक़ायक़ व दक़ायक़ (आध्यात्मिक सच्चाइयों और बारीकियों) पर मुकम्मल दस्तरस (पूर्ण नियंत्रण) हासिल थी, और जिनके मुतअल्लिक़ (बारे में) कुछ...

18 Oct, 2024 और पढ़ें
रश्क के क़ाबिल एक वाक़िया

रश्क के क़ाबिल एक वाक़िया

एक तुर्क मुसलमान मस्जिद-ए-नबवी शरीफ़ के अहाते (प्रांगण) में खड़े होकर अपना आँखों देखा वाक़िया इस तरह बयान करता है: मैं मस्जिद-ए-नबवी में खड़ा देख रहा था कि चार पुलिसवाले किसी का...

17 Oct, 2024 और पढ़ें
50 रुपये का नोट – इंसानियत और हमदर्दी का एक खूबसूरत सबक

50 रुपये का नोट – इंसानियत और हमदर्दी का एक खूबसूरत सबक

एक बिजली के खंभे पर एक कागज चिपका देखकर मैं करीब चला गया और उस पर लिखी तहरीर (लिखावट) पढ़ने लगा। लिखा था.........! "बराय-ए-करम (कृपया) ज़रूर पढ़ें। इस रास्ते पर कल मेरा 50 रु...

16 Oct, 2024 और पढ़ें
एक वकील का इब्रतनाक़ (शर्मनाक) अंजाम

एक वकील का इब्रतनाक़ (शर्मनाक) अंजाम

एक वकील साहब अदालतों में लोगों की पहली पसंद (ترجیح) होते थे। फीस लाखों में थी... बड़े-बड़े अपराधियों (मुजरिमों) को बरी करवा लिया करते थे... आइए! अब उनका इब्रतनाक़ (عبرتناک - शिक्षा...

16 Oct, 2024 और पढ़ें
आख़िरत की छतरी

आख़िरत की छतरी

एक दफ़ा क्रिकेट मैच के दौरान जब अचानक बारिश शुरू हुई तो स्टेडियम में मौजूद हर शख़्स ने अपनी छतरी खोलकर सर पर रख ली थी। जब उस वक़्त कैमरा तमाशाइयों (दर्शकों) के स्टैंड पर गया तो रंग...

15 Oct, 2024 और पढ़ें
अल्लाह वालों की सोहबत (संगत) का असर

अल्लाह वालों की सोहबत (संगत) का असर

हज़रत मौलाना यूसुफ़ बनूरी (रहमतुल्लाही अलैहि) ने एक मर्तबा एक मजलिस (सभा) में इर्शाद फ़रमाया कि: एक साल हम हज के लिए गए, वहाँ उलेमा (विद्वानों) के ग्रुप में एक रिटायर्ड फ़ौजी अफ़स...

14 Oct, 2024 और पढ़ें
बाज़ और डाली – अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की एक प्रेरक कहानी

बाज़ और डाली – अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की एक प्रेरक कहानी

किसी ने एक बादशाह को तोहफ़े में शाहीन (बाज़) के दो बच्चे पेश किए। बादशाह ने दोनों को अपने शाहीनों के प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) के सुपुर्द कर दिया ताकि वे उन दोनों को ट्रेनिंग दें कि व...

12 Oct, 2024 और पढ़ें
जादुई मशीन

जादुई मशीन

यह कहानी सीरिया (शाम) में घटित हुई, जिसे एक दर्ज़ी के कारख़ाने के मालिक ने बयान किया है। कहानी के रावी (कथावाचक) कहते हैं: मैं एक दर्ज़ी के कारख़ाने का मालिक था। मेरी एक पड़ोसन...

12 Oct, 2024 और पढ़ें
रोले अब दिल खोल कर :

रोले अब दिल खोल कर :

आह! कोई नहीं, सब गुमराह हो गए; सब निकम्मे निकले, सब गाफ़िल (लापरवाह) हो गए, सब पर मौत की नींद छा गई; सब ने एक ही तरह की हलाकत (विनाश) का घूंट पी लिया, सब एक ही तरह की तबाही पर टूट...

11 Oct, 2024 और पढ़ें