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इमाम शाफ़ई (रह.) की मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) की हालत

इमाम शाफ़ई (रह.) की मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) की हालत

इमाम मुज़नी (रह.) फ़रमाते हैं: मैं हज़रत इमाम शाफ़ई रहमतुल्लाही अलैहि के पास उनकी मरज़-उल-वफ़ात (अंतिम बीमारी) में हाज़िर हुआ और उनसे अर्ज़ किया: "आपने किस हालत में सुबह की है?" फ़...

22 Oct, 2024 और पढ़ें
हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हुज़ूर ﷺ का अपने साथियों के साथ सुलूक

हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) फ़रमाते हैं कि मैंने अब्बा जान सैयदुना अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) से पूछा कि हुज़ूर ﷺ अपने हम-नशीनों (साथियों) के साथ कैसे रहते थे? आपने फ़रम...

21 Oct, 2024 और पढ़ें
इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) के नाम से कौन नावाक़िफ़ (अपरिचित) है, इन्हीं की किताबों ने हनफ़ी फ़िक़्ह को मुदव्वन (मूर्तरूप/कोडीफाइड) किया, मसलों के दलायल (प्रमाण) जमा किए, इख़्तेलाफ़ी अक़्वा...

20 Oct, 2024 और पढ़ें
50 रुपये का नोट – इंसानियत और हमदर्दी का एक खूबसूरत सबक

50 रुपये का नोट – इंसानियत और हमदर्दी का एक खूबसूरत सबक

एक बिजली के खंभे पर एक कागज चिपका देखकर मैं करीब चला गया और उस पर लिखी तहरीर (लिखावट) पढ़ने लगा। लिखा था.........! "बराय-ए-करम (कृपया) ज़रूर पढ़ें। इस रास्ते पर कल मेरा 50 रु...

16 Oct, 2024 और पढ़ें
सख़ावत (उदारता) की एक बेमिसाल मिसाल: नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान

सख़ावत (उदारता) की एक बेमिसाल मिसाल: नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान

नाम भी मुज़फ़्फ़र था और रहते भी मुज़फ़्फ़रनगर में थे... पूरा नाम था "नवाब मुज़फ़्फ़र अली ख़ान"। मुज़फ़्फ़रनगर हिंदुस्तान में एक ज़िला है, उन भले दिनों में यह नवाब साहब की जागीर थी।...

16 Oct, 2024 और पढ़ें
फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली

फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली

एक शख़्स ने फ़ज़ल बिन रबी' के नाम का एक फ़र्ज़ी (जाली) ख़त लिखा, जिसमें अपने लिए एक हज़ार दीनार का हुक्म जारी करके दस्तख़त (हस्ताक्षर) किए गए थे। वह शख़्स ख़त लेकर फ़ज़ल बिन रबी' क...

15 Oct, 2024 और पढ़ें
ख़ुदा की किबरियाई (महानता)

ख़ुदा की किबरियाई (महानता)

पाकीज़ा है वह ज़ात जिसने सब मख़्लूक़ात (सृष्टि) को फ़ना (नष्ट) करने का फ़ैसला फ़रमाया है। इस हैसियत से बादशाह और ग़ुलाम सब उसके नज़दीक बराबर हुए। सिर्फ़ ख़ुद को बक़ा (अमरता) के साथ...

13 Oct, 2024 और पढ़ें
जादुई मशीन

जादुई मशीन

यह कहानी सीरिया (शाम) में घटित हुई, जिसे एक दर्ज़ी के कारख़ाने के मालिक ने बयान किया है। कहानी के रावी (कथावाचक) कहते हैं: मैं एक दर्ज़ी के कारख़ाने का मालिक था। मेरी एक पड़ोसन...

12 Oct, 2024 और पढ़ें
'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम

'रहमान' और 'रहीम' नाम के उपयोग के शरई अहकाम

"रहमान" शब्द का प्रयोग अल्लाह तआला के अलावा किसी और के लिए करना जायज़ नहीं है, बल्कि हराम है। अगर कोई व्यक्ति किसी इंसान को "रहमान" कहे तो यह शिर्क है, क्योंकि अल्लाह तबारक व तआला...

10 Oct, 2024 और पढ़ें
शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)

शैतान के फ़रेब के छह दरजात (चरण)

अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पह...

09 Oct, 2024 और पढ़ें
हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़...

06 Oct, 2024 और पढ़ें