परहेज़गार उस्ताद और समझदार शागिर्द
हज़रत हकीमुल उम्मत थानवी और हज़रत शाह वसीउल्लाह इलाहाबादी (नूरुल्लाह मरक़दहुमा) दोनों ने यह वाक़िया नक़्ल किया कि एक परहेज़गार आलिम बच्चों को पढ़ाते थे। एक दिन उनके घर में फ़क्र व...
परिणाम दिखाए जा रहे हैं: "maulana"
हज़रत हकीमुल उम्मत थानवी और हज़रत शाह वसीउल्लाह इलाहाबादी (नूरुल्लाह मरक़दहुमा) दोनों ने यह वाक़िया नक़्ल किया कि एक परहेज़गार आलिम बच्चों को पढ़ाते थे। एक दिन उनके घर में फ़क्र व...
मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़...
रवायत है कि सात सौ बरस पहले इस्फ़हान में एक मस्जिद बन रही थी। काम तक़रीबन ख़त्म हो चुका था और कारीगर छोटे-छोटे आख़िरी काम कर रहे थे। एक बूढ़ी औरत का वहाँ से गुज़र हुआ। वह अचानक खड़...