क़ुरआन का मोजिज़ा और एक अमेरिकी डॉक्टर का क़बूल-ए-इस्लाम
इस्लाम स्वीकार करने की यह घटना आश्चर्यजनक भी है और शिक्षाप्रद भी। आश्चर्यजनक इस दृष्टिकोण से कि क़ुरआन के अवतरण (نزول) को लगभग डेढ़ हज़ार साल का समय बीत जाने के बाद भी आज तक इस बिंदु...
परिणाम दिखाए जा रहे हैं: "book"
इस्लाम स्वीकार करने की यह घटना आश्चर्यजनक भी है और शिक्षाप्रद भी। आश्चर्यजनक इस दृष्टिकोण से कि क़ुरआन के अवतरण (نزول) को लगभग डेढ़ हज़ार साल का समय बीत जाने के बाद भी आज तक इस बिंदु...
शेख़ सलमान अल-औदा अपनी किताब "ज़ंज़ाना" में लिखते हैं कि: एक मर्तबा मैंने अपने शेख़ से शिकायत की कि: मैंने एक किताब पढ़ी लेकिन मुझे उसमें से कुछ भी याद नहीं रहा, चुनाँचे उन्होंने...
अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पह...
जब तक ईसाई धर्म राजनीति से तालमेल में नहीं था, तब तक दुनिया की हर कौम (राष्ट्र) का अपना एक अलग पहनावा होता था। अब भी जहाँ-जहाँ ईसाई धर्म किसी कौम की राजनीति पर असरअंदाज़ नहीं हुआ ह...
अस्लाफ़ (पूर्वजों) के यहाँ शौक़-ए-मुताला (अध्ययन का शौक़) और समय के महत्व का यह आलम था कि पैदल चलते हुए भी किताब का मुताला जारी रहता। इब्न अल-आबनूसी कहते हैं कि अल्लामा ख़तीब बग़दा...
मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़...