लेन-देन की सफ़ाई और आख़िरत का ख़ौफ़
हज़रत वाला (रह.) की तरफ़ से अपने सारे मुरीदीन (शिष्यों) और मुतअल्लिक़ीन (परिचितों) को यह हिदायत थी कि जब कभी रेलवे में सफ़र करो, और तुम्हारा सामान उस मिक़दार (मात्रा) से ज़ायद (अधि...
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हज़रत वाला (रह.) की तरफ़ से अपने सारे मुरीदीन (शिष्यों) और मुतअल्लिक़ीन (परिचितों) को यह हिदायत थी कि जब कभी रेलवे में सफ़र करो, और तुम्हारा सामान उस मिक़दार (मात्रा) से ज़ायद (अधि...
इमाम अबू हनीफ़ा (रहमतुल्लाही अलैहि) के वालिद साहब का इंतक़ाल हो गया। तीन दिन ताज़ियत (शोक) के लिए बैठे रहे, तीन दिन के बाद बाहर निकल कर चौक में आ गए। एक शख़्स आपका हासिद (ईर्ष्या क...
हज़रत मौलाना मुहम्मद क़ासिम साहब नानौतवी (रहमतुल्लाही अलैहि) का मुज़फ़्फ़रनगर में एक थानेदार मुअतक़िद (भक्त/प्रशंसक) था। एक दिन उसने हज़रत मौलाना नानौतवी की दावत की। मौलाना ने देखा...
एक सहेली ने दूसरी सहेली से पूछा, "बच्चा पैदा होने की खुशी में तुम्हारे शौहर (पति) ने तुम्हें क्या तोहफ़ा दिया???" सहेली ने कहा, "कुछ भी नहीं!!!!" उसने सवाल करते हुए पूछा, "क्...
एक नौजवान अपनी ज़िंदगी के मामलात से काफ़ी परेशान था। एक रोज़ एक दरवेश से मुलाक़ात हो गई तो अपना हाल कह सुनाया। कहने लगा कि बहुत परेशान हूँ। यह दुख और परेशानियाँ अब मेरी बर्दाश्त से...
एक देहाती (गांववासी) हज़रत हुसैन बिन अली (रज़ियल्लाहु अन्हु) के पास गया, उनको सलाम किया और उनसे अपनी ज़रूरत (हाजत) पूरी करने का सवाल किया। उसने कहा, "मैंने आपके नाना (सल्लल्लाहु अल...
मेरे बुख़ारी शरीफ़ के उस्ताद-ए-मोहतरम, साकिन-ए-बक़ी (बक़ी के निवासी), हज़रत अक़दस मौलाना इस्लाम-उल-हक़ साहब रहमतुल्लाह अलैह ने बुख़ारी शरीफ़ के दर्स (व्याख्यान) में एक क़ीमती बात ब...
हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के दौर में एक शख़्स ने एक ख़ूबसूरत परिंदा ख़रीदा। वह जब चहचहाता तो उसकी अत्यंत दिलकश और सुरीली आवाज़ से वह शख़्स बहुत ख़ुश होता, मानो उस परिंदे की आवाज़...
एक रियासत में एक बूढ़े शख़्स को रोटी चोरी करते हुए पकड़ा गया। इलाक़े के कुछ लोग उसे पकड़कर वक़्त के क़ाज़ी (जज) के पास ले गए। क़ाज़ी ने बूढ़े बाबा से काफ़ी सवाल किए, लेकिन बाबा ने...
यह कहानी डॉक्टर मोहम्मद रातिब अल-नाबुलसी की है जो वह अपनी माँ के बारे में बताते हैं। वह कहते हैं कि एक दिन जब वह छोटे थे, उनकी माँ ने उनसे पूछा: "क्या तुम शब्द 'हलाल' कह सकते हो...
दो औरतें क़ाज़ी इब्न अबी लैला की अदालत में पहुँचीं, यह अपने ज़माने के मशहूर और जाने-माने क़ाज़ी थे। क़ाज़ी ने पूछा, "तुम दोनों में से किसे पहले बात करनी है?" उनमें से बड़ी उम...
अगर किसी ख़ैमे (तंबू) पर लिखा हो 'ख़ैमा-ए-लैला' (लैला का तंबू) लेकिन उसमें झाँक कर देखा तो अंदर कुत्ता बँधा हुआ है, तो उस ख़ैमे की कोई क़द्र नहीं होगी बल्कि लोग मज़ाक उड़ाएंगे।...