अल्लाह वालों की सोहबत (संगत) का असर
हज़रत मौलाना यूसुफ़ बनूरी (रहमतुल्लाही अलैहि) ने एक मर्तबा एक मजलिस (सभा) में इर्शाद फ़रमाया कि: एक साल हम हज के लिए गए, वहाँ उलेमा (विद्वानों) के ग्रुप में एक रिटायर्ड फ़ौजी अफ़स...
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हज़रत मौलाना यूसुफ़ बनूरी (रहमतुल्लाही अलैहि) ने एक मर्तबा एक मजलिस (सभा) में इर्शाद फ़रमाया कि: एक साल हम हज के लिए गए, वहाँ उलेमा (विद्वानों) के ग्रुप में एक रिटायर्ड फ़ौजी अफ़स...
एक राजा ने ऐलान कर रखा था कि जो कोई भी अच्छी और हिकमत (बुद्धिमत्ता) की बात कहेगा, उसे चार सौ दीनार (सोने के सिक्के) दिए जाएंगे...!!!! एक दिन राजा अपनी प्रजा की देखभाल करने निकला...
नबी-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने छोटे बच्चों के साथ भी झूठ बोलने से मना फ़रमाया है। चुनांचे, हज़रत अब्दुल्लाह बिन आमिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) फ़रमाते हैं कि आनहज़रत (सल्लल्लाह...
पाकीज़ा है वह ज़ात जिसने सब मख़्लूक़ात (सृष्टि) को फ़ना (नष्ट) करने का फ़ैसला फ़रमाया है। इस हैसियत से बादशाह और ग़ुलाम सब उसके नज़दीक बराबर हुए। सिर्फ़ ख़ुद को बक़ा (अमरता) के साथ...
दुनिया दिल और दिमाग को एक ही खाने में रख देती है, दोनों का सिरा एक दूसरे से इस तरह मिला देती है जैसे उनमें कोई अंतर या विशेषता न हो, या फिर एक छोर यह है कि दोनों के बीच इस कदर दूरी...
जब हज़रत साद बिन अबी वक़्क़ास (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने मदायन को फ़तह (विजय) किया, तो उन्होंने ऐलान करवाया कि जिस मुजाहिद (योद्धा) के पास जो भी माल-ए-ग़नीमत (युद्ध की सामग्री) है, वह...
किसी ने एक बादशाह को तोहफ़े में शाहीन (बाज़) के दो बच्चे पेश किए। बादशाह ने दोनों को अपने शाहीनों के प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) के सुपुर्द कर दिया ताकि वे उन दोनों को ट्रेनिंग दें कि व...
यह कहानी सीरिया (शाम) में घटित हुई, जिसे एक दर्ज़ी के कारख़ाने के मालिक ने बयान किया है। कहानी के रावी (कथावाचक) कहते हैं: मैं एक दर्ज़ी के कारख़ाने का मालिक था। मेरी एक पड़ोसन...
आपको दफ़नाकर वापस आते ही आपके परिजनों (घरवालों) का ध्यान रुख़सत होते हुए (जाने वाले) मेहमानों के खाने के बंदोबस्त की तरफ़ जाएगा कि उन्हें खाना खिलाकर रुख़सत करते हैं। एक हफ़्ता...
एक आदमी कई रातें सख्त सर्दी में आराम से सोता रहा। एक दिन किसी राहगीर ने गुजरते हुए उससे कहा: "मैं तुम्हें एक गर्म रज़ाई लाकर दूंगा"!! वह राहगीर अपनी मंज़िल को चला गया और रज़ाई ल...
अल्लामा बद्रुद्दीन बिन शिबली अपनी मशहूर किताब "आकामुल मुर्जान फी अहकामिल जान" में नक़्ल करते हैं कि शैतान-ए-लईन (शापित शैतान) के इंसान को नुक़सान पहुँचाने के 6 दरजात हैं: (1) पह...
हज़रत हकीमुल उम्मत थानवी और हज़रत शाह वसीउल्लाह इलाहाबादी (नूरुल्लाह मरक़दहुमा) दोनों ने यह वाक़िया नक़्ल किया कि एक परहेज़गार आलिम बच्चों को पढ़ाते थे। एक दिन उनके घर में फ़क्र व...