मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन
लेखक: मौलाना मोहम्मद सईद पालनपुरी शिक्षक: जामिया अल-इमाम मोहम्मद अनवर शाह कश्मीरी, देवबंद मेरे आदरणीय पिता हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद साहब पालनपुरी, पूर्व शेख-उल-हदीस और स...
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लेखक: मौलाना मोहम्मद सईद पालनपुरी शिक्षक: जामिया अल-इमाम मोहम्मद अनवर शाह कश्मीरी, देवबंद मेरे आदरणीय पिता हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद साहब पालनपुरी, पूर्व शेख-उल-हदीस और स...
हज़रत मालिक बिन दीनार (अल्लाह उन पर रहम करे) फ़रमाते हैं: "मैंने अपने जीवन में 60 हज किए। एक हज के मौक़े पर मैंने मक्का मुकर्रमा में असाधारण भीड़ देखी, जहाँ लाखों लोगों का एक अज़ीम...
हज़रत मौलाना सैयद असग़र हुसैन रहिमतुल्लाह अलैह (जो अपने मिलने वालों में हज़रत मियां साहब के नाम से मशहूर थे) दारुल उलूम देवबंद के उन उस्तादों में से थे जो शोहरत और नाम-ओ-नमूद (دکھا...
रोनाल्ड ओबुस नाम के व्यक्ति ने खुदकुशी करनी चाही तो सबसे आसान तरीका इस्तेमाल किया और वह यह कि उस इमारत से छलांग लगा दे जिसमें वह रहता था। उसने इमारत की दसवीं मंजिल से छलांग लगा दी...
यह घटना एक मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़ी है। एक पिता की दास्तान सुनिए जो कुर्बानी करने में असमर्थ है। "बाबा.... बाबा .... हमें भी गोश्त मिलेगा ना?" मैंने कहा: "हाँ-हाँ, क्यों...
शेख़ुल क़ुरआन मौलाना मुफ़्ती मुहम्मद ज़रवली ख़ान साहब (रह.) फ़रमाते थे: मदारिस (मदरसों) के तलबा (छात्र) बहुत पाक मख़्लूक़ (पवित्र जीव) हैं। एक दिन हमारे मदरसे में एक तालिब-ए-इल्म...
एक बिजली के खंभे पर एक कागज चिपका देखकर मैं करीब चला गया और उस पर लिखी तहरीर (लिखावट) पढ़ने लगा। लिखा था.........! "बराय-ए-करम (कृपया) ज़रूर पढ़ें। इस रास्ते पर कल मेरा 50 रु...