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मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

मेरे आदरणीय पिता का घरेलू और पारिवारिक जीवन

लेखक: मौलाना मोहम्मद सईद पालनपुरी शिक्षक: जामिया अल-इमाम मोहम्मद अनवर शाह कश्मीरी, देवबंद मेरे आदरणीय पिता हज़रत मौलाना मुफ़्ती सईद अहमद साहब पालनपुरी, पूर्व शेख-उल-हदीस और स...

25 Jun, 2026 और पढ़ें
तुहफ़तुल हिंद और तक़्वियतुल ईमान: हज़रत मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी की धार्मिक जागृति

तुहफ़तुल हिंद और तक़्वियतुल ईमान: हज़रत मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी की धार्मिक जागृति

हज़रत मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी लिखते हैं कि: सबसे पहले जिस किताब ने मुझे इस्लाम के बारे में सही जानकारी दी और हिंदू समाज में रहकर मैं सोलह साल की उम्र से पहले मुसलमान हो गया, वह "तु...

15 Jun, 2025 और पढ़ें
इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
दुनिया के लिए सबसे बदसूरत लेकिन अपने समय के बेहतरीन किरदार

दुनिया के लिए सबसे बदसूरत लेकिन अपने समय के बेहतरीन किरदार

लिज़ी को दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा गया, उस पर लाखों मीम बनाए गए, यहाँ तक कि उससे यह भी कहा गया कि इतनी बदसूरती के साथ जीने से बेहतर है मर जाओ, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और...

10 Nov, 2024 और पढ़ें
इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शौक़ और शब-बेदारी / इमाम मोहम्मद (रह.) का इल्मी शऊर

इमाम मोहम्मद (रह.) के नाम से कौन नावाक़िफ़ (अपरिचित) है, इन्हीं की किताबों ने हनफ़ी फ़िक़्ह को मुदव्वन (मूर्तरूप/कोडीफाइड) किया, मसलों के दलायल (प्रमाण) जमा किए, इख़्तेलाफ़ी अक़्वा...

20 Oct, 2024 और पढ़ें
इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़

इल्म (ज्ञान) का बदसूरत आशिक़

असली नाम अम्र बिन महबूब था, 160 हिजरी में पैदा हुए और 'जाहिज़' के लक़ब (उपाधि) से मशहूर हुए। अरबी में जाहिज़ उसे कहते हैं जिसकी आँखों के ढेले (पुतलियाँ) बाहर की ओर उभरे हुए हों। शु...

14 Oct, 2024 और पढ़ें
केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण

केवल किताबी ज्ञान की हक़ीक़त: सल्फ़ (पूर्वजों) का दृष्टिकोण

मौलाना फ़ैसल अहमद साहब नदवी भटकली लिखते हैं: हमारे उलेमा-ए-सल्फ़ (पूर्वज विद्वान) केवल किताबी ज्ञान को कोई महत्व नहीं देते थे, यानी अगर किसी के उस्ताद और मशाईख़ (गुरु) न हों और...

12 Oct, 2024 और पढ़ें
अध्ययन का अनोखा लाभ

अध्ययन का अनोखा लाभ

शेख़ सलमान अल-औदा अपनी किताब "ज़ंज़ाना" में लिखते हैं कि: एक मर्तबा मैंने अपने शेख़ से शिकायत की कि: मैंने एक किताब पढ़ी लेकिन मुझे उसमें से कुछ भी याद नहीं रहा, चुनाँचे उन्होंने...

09 Oct, 2024 और पढ़ें
हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

हज़रत थानवी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं:

मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़...

06 Oct, 2024 और पढ़ें