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कीमती घड़ी और पिता की सीख (अपनी कीमत पहचानो)

कीमती घड़ी और पिता की सीख (अपनी कीमत पहचानो)

एक पिता ने अपने जीवन के आखिरी वक्त में अपने बेटे को पास बुलाया, उसे एक पुरानी कलाई घड़ी सौंपी और कहा: "मेरे बेटे, यह घड़ी दो सौ साल से भी ज़्यादा पुरानी है। यह तुम्हारे परदादा की ह...

03 Sep, 2025 और पढ़ें
ईमान कितनी बड़ी नेमत है

ईमान कितनी बड़ी नेमत है

हज़रत मौलाना पीर ज़ुल्फ़िकार अहमद नक़्शबंदी ने एक वाक़या सुनाया कि 1994 में जब समरक़ंद जाने का मौक़ा मिला, तो जामिया मस्जिद समरक़ंद में जुमा का ख़ुत्बा दिया। जुमा की नमाज़ के बाद क...

11 Jun, 2025 और पढ़ें
कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)

कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)

यह घटना एक मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़ी है। एक पिता की दास्तान सुनिए जो कुर्बानी करने में असमर्थ है। "बाबा.... बाबा .... हमें भी गोश्त मिलेगा ना?" मैंने कहा: "हाँ-हाँ, क्यों...

08 Jun, 2025 और पढ़ें
इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

इल्म का मंशूर: शरियत के विद्यार्थियों (तलबा) के लिए महत्वपूर्ण और इब्रतनाक नसीहतें (भाग दो)

बिस्मिल्लाह; रब्बी यस्सिर व अ'इन! (अल्लाह के नाम से; ऐ मेरे रब, आसानी फ़रमा और मदद कर!) नोट: इस मंशूर (घोषणापत्र) के मुखातिब (संबोधित लोग) सिर्फ उलूमे शरीयत (इस्लामी शास्त्र के ज...

12 Nov, 2024 और पढ़ें
फ़तह-ए-मक्का: रहमतुल-लिल-आलमीन ﷺ की दया और माफ़ी के ऐतिहासिक दृश्य

फ़तह-ए-मक्का: रहमतुल-लिल-आलमीन ﷺ की दया और माफ़ी के ऐतिहासिक दृश्य

फ़तह-ए-मक्का (मक्का की विजय) के मौक़े पर जगह-जगह हुज़ूर रहमतुल लिल आलमीन ﷺ (सारे संसार के लिए दया होने) के जलवे नज़र आते हैं। बल्कि वास्तविकता यह है कि मक्का की विजय का सबसे बड़ा क...

31 Oct, 2024 और पढ़ें
मतभेदों के बावजूद बेमिसाल इत्तिहाद – क़ैसर-ए-रोम को एक ऐतिहासिक जवाब

मतभेदों के बावजूद बेमिसाल इत्तिहाद – क़ैसर-ए-रोम को एक ऐतिहासिक जवाब

हज़रात-ए-सहाबा-ए-किराम (रज़ियल्लाहु अन्हुम) में कुछ मसलों पर मतभेद (इख़्तिलाफ़) रहा है; मगर एक-दूसरे के सम्मान (एहतराम) में कभी फ़र्क़ नहीं आया। कौन नहीं जानता कि ख़ून-ए-उस्मान (रज...

15 Oct, 2024 और पढ़ें
फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली

फ़ज़ल बिन रबी' की दरियादिली

एक शख़्स ने फ़ज़ल बिन रबी' के नाम का एक फ़र्ज़ी (जाली) ख़त लिखा, जिसमें अपने लिए एक हज़ार दीनार का हुक्म जारी करके दस्तख़त (हस्ताक्षर) किए गए थे। वह शख़्स ख़त लेकर फ़ज़ल बिन रबी' क...

15 Oct, 2024 और पढ़ें
हजरत मौलाना अशरफ अली साहब थानवी खुद अपनी नजर में

हजरत मौलाना अशरफ अली साहब थानवी खुद अपनी नजर में

हकीमुल उम्मत हज़रत मौलाना अशरफ अली थानवी (रहमतुल्लाही अलैहि) से थाना भवन में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बैअत (आध्यात्मिक दीक्षा) का अनुरोध किया, जिसके जवाब में आपने उन्हें अपना परिच...

12 Oct, 2024 और पढ़ें