लेन-देन की सफ़ाई और आख़िरत का ख़ौफ़
हज़रत वाला (रह.) की तरफ़ से अपने सारे मुरीदीन (शिष्यों) और मुतअल्लिक़ीन (परिचितों) को यह हिदायत थी कि जब कभी रेलवे में सफ़र करो, और तुम्हारा सामान उस मिक़दार (मात्रा) से ज़ायद (अधि...
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हज़रत वाला (रह.) की तरफ़ से अपने सारे मुरीदीन (शिष्यों) और मुतअल्लिक़ीन (परिचितों) को यह हिदायत थी कि जब कभी रेलवे में सफ़र करो, और तुम्हारा सामान उस मिक़दार (मात्रा) से ज़ायद (अधि...
बहिश्ती जेवर और तालीम-उद-दीन के कुछ स्थानों का सुधार: (१) بہیستی زیور (बहिश्ती जेवर) में इशा के बाद चार सुन्नतें लिख दी गई हैं, सही यह है कि दो सुन्नत हैं और दो नफ़्ल। (२)...
हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी साहब (रहमतुल्लाह अलैह) की मशहूर तसनीफ़ (पुस्तक) 'हयातुल मुस्लिमीन' के शुरू में "तसहील-ए-मुक़द्दमा" के उनवान (शीर्षक) से मुफ़्ती मोहम्मद शफ़ी साहब (रहमत...
हकीमुल उम्मत हज़रत मौलाना अशरफ अली थानवी (रहमतुल्लाही अलैहि) से थाना भवन में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बैअत (आध्यात्मिक दीक्षा) का अनुरोध किया, जिसके जवाब में आपने उन्हें अपना परिच...
मुदर्रिसीन (शिक्षकों) को चाहिए कि हर तालिब-ए-इल्म (छात्र) को पूरा अरबी पढ़ाना ज़रूरी न समझें, जिसके अंदर मुनासबत (योग्यता) देखें, और फ़हम-ए-सलीम (सही समझ) पाएँ, उसको सब किताबें पढ़...