आज़माइशों के पीछे छिपी ईश्वरीय हिकमत: मौलाना रूमी का एक ख़ूबसूरत सबक़
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आज़माइशों के पीछे छिपी ईश्वरीय हिकमत: मौलाना रूमी का एक ख़ूबसूरत सबक़

admin
06 Nov, 2024

एक दिन मौलाना रूमी (रहमतुल्लाह अलैह) अपने घर तशरीफ़ ले गए और देखा कि उनका बेटा उदास बैठा है। उन्होंने दरयाफ़्त किया (पूछा) कि "बेटा, उदास क्यों हो?" तो बेटे ने जवाब दिया, "कुछ नहीं।"

इस पर मौलाना रूमी (रहमतुल्लाह अलैह) बाहर गए और एक भेड़िये की खाल ओढ़कर आए और डराने के लिए गुर्राने लगे। इस पर उनका बेटा हँस पड़ा, तो उन्होंने फ़रमाया:

"बेटा, भेड़िया एक जंगली जानवर है, लेकिन जब तुमने देखा कि इसके पीछे तुम्हारा बाप था, तो तुम डरने के बजाय हँसने और मुस्कुराने लगे। इसी तरह यह जान लो कि तमाम आज़माइशों (परीक्षाओं) और सख़्तियों के पीछे तुम्हारा रब है।"

"वह जो तुम्हें ७० माओं से ज़्यादा प्यार करता है, वह तुम्हें किसी मुश्किल से गुज़ारना चाहता है तो उसकी हिकमत (बुद्धिमत्ता) को तुम नहीं समझ सकते, लेकिन वह बेहतर जानता है।"

"वह तुम्हें कुछ सिखाना चाहता है, आने वाले वक़्त के लिए और इससे भी ज़्यादा सख़्त आज़माइशों के लिए तुम्हें मज़बूत बनाना चाहता है, और जान लो कि वह उसी को आज़माता है जिससे वह मोहब्बत करता है।"

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मनकूल (साभार)।

चयन: इस्लामिक ट्यूब प्रो ऐप

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